अफ़ज़लगढ़ में सादगी भरे निकाह ने पेश की समाज सुधार की मिसाल

अफ़ज़लगढ़: समाज में बढ़ती फिजूलखर्ची और दिखावे के दौर में अफ़ज़लगढ़ में सम्पन्न हुआ एक सादगी भरा निकाह लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। निकाह आसान अभियान के अंतर्गत सुन्नत के अनुसार सम्पन्न इस निकाह ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि विवाह को बिना दिखावे और अनावश्यक रस्मों के भी पूरी गरिमा के साथ सम्पन्न किया जा सकता है।

इस निकाह में मात्र 15 लोगों की उपस्थिति रही तथा बिना बारात के विवाह सम्पन्न किया गया। मेहंदी, हल्दी, आतिशबाज़ी, सलामी जैसी सभी गैर-ज़रूरी रस्मों से पूरी तरह परहेज़ किया गया। पूरा आयोजन सादगी, दुआ और इख़लास के साथ सम्पन्न हुआ, जिसे समाज के हर वर्ग ने सराहा।

सादगी भरे इस निकाह पर नेशनल परिवार एकता संगठन के पदाधिकारी मुबारकबाद देने पहुँचे। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाहवेज अहमद ने इस पहल को समाज के लिए अनुकरणीय बताते हुए कहा कि ऐसे निकाह फिजूलखर्ची पर रोक लगाने में अहम भूमिका निभाते हैं। वहीं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोहम्मद कफील ने कहा कि सादगी ही निकाह की असली शान है, जिससे हर वर्ग को राहत मिलती है।

इस अवसर पर पत्रकार अमानत हुसैन, मोहम्मद फैजान, मोहम्मद फहीम कस्सार ने नवदंपत्ति को सम्मानित करते हुए इस मुहिम को आगे बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम में शैख़ इस्लामुद्दीन, क़ारी शम्शुद्दीन, हाफ़िज़ मुक़ीम, शमीम अहमद, शैख़ इब्राहीम, वसीम गुज्जर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

सादगी से सम्पन्न यह निकाह अफ़ज़लगढ़ ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी समाज सुधार की प्रेरक मिसाल बनता जा रहा है।

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