बिजनौर में अवैध हथियार गिरोह का पर्दाफाश, 8 आरोपी गिरफ्तार

बिजनौर: जनपद बिजनौर में पुलिस ने अवैध हथियारों के निर्माण और तस्करी से जुड़े एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से कई अवैध तमंचे, पिस्टल, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई नगीना में 5 मार्च को हुए चर्चित डॉ. राजकुमार हत्याकांड की जांच के दौरान मिले अहम सुरागों के आधार पर की गई।


डॉक्टर हत्याकांड की जांच से खुला राज


प्राप्त जानकारी के अनुसार नगीना स्थित शिवालय हेल्थ केयर सेंटर में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजकुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद बिजनौर पुलिस लगातार मामले की गहराई से जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली।


शूटर से पूछताछ में मिले अहम सुराग


डॉक्टर हत्याकांड में गिरफ्तार शूटर छोटू उर्फ विकास से पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। उसने बताया कि हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा उसने धामपुर निवासी आर्यन उर्फ राजन से लिया था। इसके बाद पुलिस ने पूरे जिले में अवैध हथियार सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया।


संयुक्त पुलिस कार्रवाई में गिरोह का पर्दाफाश


एसपी अभिषेक झा के निर्देशन में नूरपुर, धामपुर और स्योहारा पुलिस की संयुक्त टीमों ने कार्रवाई करते हुए कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी राजन ने बताया कि उसने माइकल, नबील और विनीत को अवैध पिस्टल और तमंचे बेचे थे। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने इन आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।


अमरोहा से चल रहा था अवैध हथियारों का कारोबार


पुलिस जांच में सामने आया कि यह अवैध हथियार अमरोहा के नौगावां सादात निवासी अमीरुद्दीन उर्फ आरिफ से खरीदे जाते थे। आरोपी आरिफ अपने घर पर ही अवैध हथियार बनाने और उनकी मरम्मत करने का काम करता था और अपने साथियों के माध्यम से बिजनौर समेत आसपास के जिलों में इनकी सप्लाई करता था।


दबिश में भारी मात्रा में हथियार बरामद


एएसपी देहात प्रकाश कुमार के नेतृत्व में नूरपुर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर 8 मार्च को फतियाबाद रोड स्थित सेंट मैरी स्कूल के पास दबिश दी, जहां से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से 315 बोर के कई तमंचे, एक 12 बोर तमंचा, देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद किए।


एक डॉक्टर को भी पिस्टल बेचने का खुलासा


पूछताछ के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। आरोपी शमीम उर्फ माइकल ने बताया कि उसने मुरादाबाद के छजलैट क्षेत्र के एक निजी अस्पताल संचालक डॉ. प्रवेज को करीब 40 हजार रुपये में एक पिस्टल बेची थी। पुलिस ने इस मामले में टीम गठित कर डॉक्टर की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं।


पुलिस ने कहा — अपराधियों पर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई


पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसपी अभिषेक झा और एएसपी देहात प्रकाश कुमार के सख्त निर्देशन और रणनीतिक कार्रवाई के चलते इस पूरे अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ संभव हो सका है। अधिकारियों के अनुसार इस कार्रवाई से जिले में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले गिरोह को बड़ा झटका लगा है और अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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